सिंपल कार्डियो रेस्पिरेटरी रेस्क्यू टेक्निक समझने की जरूरत : डॉ. केपी जोशी
संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज सर्विस
देहरादून। सिंपल कार्डियो रेस्पिरेटरी रेस्क्यू टेक्निक को सीपीआर कहा जाता है। यह एक जीवन रक्षक प्रक्रिया है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति की सांस रुक जाए या दिल काम करना बंद कर दे (कार्डियक अरेस्ट)। यह दिमाग और अन्य महत्वपूर्ण अंगों में ऑक्सीजन युक्त रक्त के प्रवाह को बनाए रखने में मदद करती हैं।
चारधाम अस्पताल नेहरू कॉलोनी देहरादून के डॉ. केपी जोशी ने बताया की आज की ज़िन्दगी आधुनिकता की दौड़ में लगातार भाग रही है। प्राकृतिक अप्राकृतिक दोनों ही तरह से दुर्घटनाओं की संख्या बड़ रही है, साथ ही आधुनिक जीवन शैली सुविधाएं भी चुनौती पेश कर रही। परिणाम सडन डेथ या अचानक हृदय या सांस रुक जाने के कई मामले आ रहे। ये घर से लेकर स्कूल और सार्वजनिक स्थानों पर हो रहे। जरूरत है जागरूक रहने व देश के सभी नागरिकों कक्षा १० से अधिक के बच्चों को सिंपल कार्डियो रेस्पिरेटरी रेस्क्यू टेक्निक समझने व तत्काल प्रयोग में लाने की। रेस्क्यू टाइम बहुत शोर्ट होता है मैक्सिमम ३ मिनट। इसी पीरियड में डिसिशन लेकर मरीज़ को अस्पताल तक पहुंचाना होता है। आधुनिक युग में छोटे बच्चों में कई बीमारियां आ रही व जल्दी ऐज में बीपी शुगर मोटापा हार्ट की समस्या आ रही जो कि कुछ हद तक प्रीवेंटेबल है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विज़न २०४९ के लिए हमे स्ट्रॉंग राष्ट्रीय चरित्र के लोगो की जरूरत होगी जिसका विकास बाल्यपन प्राइमरी स्कूलिंग से इंटरमीडिएट तक स्कूल में किया जाना है। उपरोक्त तीनो विषयों पर सोशल बलूनी स्कूल बाइपास रोड में टीचिंग अंडरस्टैंडिंग जागरूकता अभियान आरंभ होने जा रहा हैं, जो लगभग एक हज़ार छात्रों के साथ होगा।
