व्यापारी पर हमला : सामाजिक संगठनों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून 14 जुलाई। देहरादून की सदियों पुरानी ‘गंगा-जमुनी संस्कृति’ और सामाजिक समरसता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के झंडा बाजार में एक अल्पसंख्यक समुदाय के व्यापारी पर हुए हमले और उसकी दुकान को जबरन बंद कराए जाने के मामले में कई सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठनों ने इस घटना को शहर के बिगड़ते माहौल का संकेत बताते हुए चिंता जताई है। ज्ञापन में बताया गया है कि 18 जून 2026 की शाम को झंडा बाजार स्थित ‘सानिया बैंगल्स’ नामक चूड़ी की दुकान में कुछ लोगों ने घुसकर जमकर उत्पात मचाया। पीड़ित व्यापारी अदनान सिद्दीकी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उनके धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमलावरों ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर और अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस मामले में कोतवाली नगर पुलिस ने चार लोगों को नामजद करते हुए 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, लेकिन संगठनों का आरोप है कि पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। 9 जुलाई 2026 को जब पीड़ित व्यापारी ने पुनः दुकान खोलने का प्रयास किया, तो दोबारा विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन अंततः व्यापारी को दुकान बंद करनी पड़ी। संगठनों का आरोप है कि कुछ तत्वों द्वारा व्यापारी को उसके गोदाम से सामान निकालने में भी रोकावट की जा रही है और लक्खीबाग पुलिस चौकी पीड़ित पक्ष के साथ न्याय नहीं कर रही है। संगठनों का कहना है कि यह पहला मौका नहीं है जब झंडा बाजार में इस तरह की घटना हुई हो। 18 जून की घटना से पहले भी हिंदू संगठनों ने मुस्लिम समुदाय की दुकानों पर हमले के खिलाफ पूर्व जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संगठनों का आरोप है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण ही 9 जुलाई को फिर से दुकान बंद करवाने की कोशिश की गई।

संयुक्त ज्ञापन में जिला प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की गई हैं:-

उच्च स्तरीय जांच: 18 जून एवं 9 जुलाई की घटनाओं की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

आरोपियों पर सख्त कार्रवाई: मारपीट, धमकी, तोड़फोड़ एवं जबरन दुकान बंद कराने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ विधि के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

सुरक्षा प्रदान की जाए: सभी व्यापारियों एवं नागरिकों को बिना किसी भय के वैध व्यवसाय संचालित करने हेतु आवश्यक सुरक्षा प्रदान की जाए।

पुलिस कार्रवाई की समीक्षा: स्थानीय पुलिस की कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा कर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।

सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखा जाए: जनपद में शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं तथा अफवाह या वैमनस्य फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन की एक प्रति वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक (नगर), नगर मजिस्ट्रेट, क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारी कोतवाली को भी भेजी गई है।

ज्ञापन देने वाले संगठनों का कहना है कि देहरादून सदैव आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि किसी भी घटना के आधार पर किसी समुदाय विशेष के विरुद्ध वैमनस्य फैलाना, भय का वातावरण बनाना अथवा किसी नागरिक को उसकी वैध आजीविका से वंचित करना उचित नहीं है। संगठनों ने विश्वास जताया है कि जिला प्रशासन निष्पक्षता एवं संवेदनशीलता के साथ इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करेगा और शहर की सांप्रदायिक सौहार्द की छवि को बनाए रखेगा।

ज्ञापन देने वालों सुरेश कुमार, बालेश बबानिया,सुरेंद्र सिंह सजवाण,अनन्त आकाश, लेखराज, प्रभात डण्डरियाल, भगवन्त पयाल, अम्बुज,विकास रावत, अनुराधा, रेखा शर्मा, एस एस नेगी, रविंद्र नौडियाल, अभिषेक भण्डारी, नितिन आदि शामिल थे!

 

 

 

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