July 23, 2026

‘भारतीय मानक समय प्रसार प्रदर्शन नेटवर्क’का उद्घाटन

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

नई दिल्ली। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने 16 जुलाई 2026 को बेंगलुरु स्थित क्षेत्रीय संदर्भ मानक प्रयोगशाला (आरआरएसएल) में ‘व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी’ पर आधारित ‘भारतीय मानक समय (आईएसटी) प्रसार प्रदर्शन नेटवर्क’ का उद्घाटन किया। उपभोक्ता मामलों के विभाग, सीएसआईआर-नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (सीएसआईआर-एनपीएल) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित यह प्रदर्शन नेटवर्क, प्रिसिजन टाइम प्रोटोकॉल (पीटीपी) पर आधारित ‘व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी’ का उपयोग करके यूटीसी (एनपीएलआई)-ट्रेसेबल इंडियन स्टैण्डर्ड टाइम के सुरक्षित प्रसार को संभव बनाता है। बेहद सटीक, सुरक्षित और भरोसेमंद टाइम सिंक्रोनाइजेशन प्रदान करता है. केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सीएसआईआर-एनपीएल, इसरो, सेबी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई), बीएसएनएल और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ मिलकर, ‘व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी’ का उपयोग करते हुए आरआरएसएल बेंगलुरु और एनएसई चेन्नई के बीच भारतीय मानक समय (इंडियन स्टैंडर्ड टाइम) के सुरक्षित रूप से प्रसार की प्रक्रिया का सफल सत्यापन पूरा कर लिया है। इससे पहले दिन में, श्री प्रल्हाद जोशी ने बेंगलुरु स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का दौरा किया और उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा सीएसआईआर-नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (सीएसआईआर-एनपीएल), इसरो और अन्य संबंधित संस्थाओं के सहयोग से चलाए जा रहे भारतीय मानक समय प्रसार परियोजना (इंडियन स्टैंडर्ड टाइम डिसैमिनेशन प्रोजेक्ट) की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरे के दौरान, केन्द्रीय मंत्री ने भारतीय मानक समय (इंडियन स्टैंडर्ड टाइम) के प्रसार के लिए विकसित सुविधाओं का जायजा लिया और इस परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों एवं इंजीनियरों से बातचीत की। उन्होंने स्वदेशी, सुरक्षित और सुदृढ़ समय प्रसार अवसंरचना (टाइम डिसैमिनेशन इंफ्रास्ट्रक्चर) विकसित करने में इसरो के योगदान की सराहना की। साथ ही, सरकार की “एक राष्ट्र, एक समय” पहल को आगे बढ़ाने में उपभोक्ता मामलों के विभाग और सीएसआईआर-नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी के साथ इसरो के सहयोग को भी सराहा। श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि भारतीय मानक समय का सटीक एवं सुरक्षित प्रसार देश के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के रूप में उभर रहा है।  उन्होंने कहा कि यह पहल तकनीकी आत्मनिर्भरता और ‘विकसित भारत’ के विजन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव श्रीमती निधि खरे ने कहा कि भारतीय मानक समय प्रसार परियोजना (इंडियन स्टैंडर्ड टाइम डिसैमिनेशन प्रोजेक्ट) एक सुरक्षित, सुदृढ़ और स्वदेशी राष्ट्रीय समय समन्वय ढांचा स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि विधिक माप-विज्ञान (लीगल मेट्रोलॉजी) में चल रहे सुधारों के साथ-साथ, यह पहल उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाएगी, कारोबार में आसानी (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को बढ़ावा देगी और भारत के डिजिटल बदलाव में योगदान देगी। केन्द्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने “एक राष्ट्र, एक समय” पहल के तहत एक और उपलब्धि हासिल करने पर इसरो, सीएसआईआर-नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी, आरआरएसएल बेंगलुरु और सभी सहयोगी संस्थानों के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों एवं तकनीकी टीमों को बधाई दी। उन्होंने भरोसा जताया कि यह परियोजना भारत की तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करेगी, समय बताने वाले विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम करेगी, अहम डिजिटल अवसंरचना को सहारा देगी  और सटीक समय बताने के मामले में भारत को दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल करेगी। इस दौरे में इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन; इसरो के इस्ट्रैक के निदेशक श्री राघवेंद्र एम. आर.; उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव श्रीमती निधि खरे; इसरो, उपभोक्ता मामलों के विभाग तथा सीएसआईआर-नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (सीएसआईआर-एनपीएल) के वरिष्ठ  वैज्ञानिक एवं अधिकारी; और बीएसएनएल, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) एवं भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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