गरबा महोत्सव का भव्य आयोजन
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं नवाचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी के ससंघ मंगल चातुर्मास के अंतर्गत प्रतिदिन धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। चातुर्मास की दैनिक दिनचर्या का शुभारंभ पूजन, प्रक्षाल एवं शांतिधारा के साथ होता है। इस दौरान श्रद्धालु भक्तिभाव से धर्माराधना कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। इस अवसर पर आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी ने समवशरण के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जैन धर्म में समवशरण तीर्थंकर भगवान की दिव्य देशना देने वाली पवित्र सभा को कहा जाता है। जब तीर्थंकर भगवान को केवलज्ञान की प्राप्ति होती है, तब देवों द्वारा दिव्य समवशरण की रचना की जाती है। यहां मनुष्य, देव-देवांगनाएं तथा पशु-पक्षी सहित सभी जीव बिना किसी भेदभाव के भगवान की दिव्य वाणी सुनने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं। समवशरण समानता, अहिंसा, करुणा एवं आत्मकल्याण का संदेश देता है। इसी क्रम में आयोजित समवशरण विधान में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त करने के साथ महाआरती में भी भक्तिभाव से सम्मिलित हो रहे हैं।
जैन भवन में गरबा महोत्सव का भव्य आयोजन
मीडिया समन्वयक मधु सचिन जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को शाम 6:30 बजे जैन भवन, गांधी रोड, देहरादून में सकल दिगम्बर जैन समाज एवं श्री विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति द्वारा भव्य गरबा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुरुषों, महिलाओं एवं बच्चों ने सुंदर पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूरे आयोजन में धार्मिक उल्लास एवं भक्ति का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम के दौरान एक धार्मिक प्रश्नमंच का भी आयोजन किया गया। इसमें सही उत्तर देने वाले पांच विजेताओं को चांदी की चेन प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त पांच सौभाग्यशाली विजेताओं को विशेष पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं में धार्मिक ज्ञान, आपसी सौहार्द एवं सामाजिक एकता की भावना को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर सकल दिगम्बर जैन समाज, देहरादून, श्री विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति 2026, जैन भवन कार्यकारिणी के पदाधिकारी एवं सदस्य, विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बाहर से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
