नगर निगम देहरादून में अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाने के लिए सख्त रुख अपनाया
संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। नगर निगम देहरादून में अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाने के लिए नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने सख्त रुख अपनाया है। निगम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के उपयोग के लिए अनुबंध पर संचालित 31 वाहनों में से 18 वाहनों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्णय से नगर निगम को सालाना लगभग डेढ़ करोड़ रुपये तक की बचत होने की संभावना है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक खर्चों की समीक्षा कर अनावश्यक व्यय में कटौती की जाएगी, ताकि सार्वजनिक धन का सदुपयोग सुनिश्चित करने के साथ ही शहर की स्वच्छता, सफाई व्यवस्था, जनसुविधाओं और विकास कार्यों के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय की अध्यक्षता में मंगलवार को नगर निगम परिसर में आयोजित बैठक में अनुबंधित वाहनों की व्यवस्था और उन पर होने वाले खर्च की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान वाहनों की आवश्यकता एवं उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए उनकी संख्या कम करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत वर्तमान में संचालित 31 अनुबंधित वाहनों में से 18 वाहनों को हटाया जाएगा। इस कदम से निगम के नियमित प्रशासनिक खर्च में कमी आएगी और वित्तीय संसाधनों पर पड़ने वाला अतिरिक्त भार कम करने में मदद मिलेगी। नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि नगर निगम की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और किफायती बनाने के लिए प्रशासनिक व्यय की नियमित समीक्षा जरूरी है। सार्वजनिक धन का उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। जिन मदों में अनावश्यक खर्च को कम करने की गुंजाइश है, वहां ठोस कदम उठाए जाने आवश्यक हैं। अनुबंधित वाहनों की संख्या घटाने का निर्णय इसी दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से होने वाली संभावित बचत नगर निगम के वित्तीय प्रबंधन को मजबूती प्रदान करेगी। उपलब्ध बजट का उपयोग शहर की आवश्यकताओं और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए किया जा सकेगा। नगर निगम का उद्देश्य केवल खर्चों में कटौती करना ही नहीं, बल्कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ शहर और नागरिकों तक पहुंचाना भी है।
