श्रीनगर गढ़वाल में छात्र नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा
एसकेएम न्यूज़ सर्विस
देहरादून, 31 अक्टूबर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) उत्तराखंड ने श्रीनगर गढ़वाल में अंकिता भण्डारी के परिजनों को न्याय की मांग कर रहे एसएफआई सहित विभिन्न संगठनों के छात्र नेताओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इसे भाजपा सरकार की दमनकारी नीतियों का हिस्सा बताया है।
सीपीएम उत्तराखंड ने कहा कि उत्तराखंड सरकार पहले से ही इस मुद्दे पर कठघरे में खड़ी है, और आरोपी वीआईपी सिकमिम को गवर्नर बनाया जाना सर्वत्र विरोध का विषय बना हुआ है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि न्याय की मांग करना किसी भी लोकतांत्रिक समाज में नागरिकों का बुनियादी अधिकार है, और ऐसी मांगों को दबाने के लिए छात्र नेताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र की भावना के विरुद्ध है। पार्टी ने गिरफ्तार छात्र नेताओं की बिना शर्त रिहाई की मांग की है और अंकिता भण्डारी के परिजनों को न्याय दिलाने की भी मांग दोहराई है। सीपीएम ने सरकार से अपील की है कि वह छात्रों और न्याय की मांग कर रहे लोगों के विरुद्ध दमनकारी कार्रवाई बंद करे तथा अंकिता भण्डारी मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करे।
