अंतरराष्ट्रीय पंचकर्म सम्मेलन में प्रो. डॉ. के.के. शर्मा को “लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड” से सम्मानित

भगवती प्रसाद गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

हरिद्वार, 29 सितम्बर।  उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के ऋषिकुल परिसर में “Recent Advancements in Panchkarma – 2025” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। इस सम्मेलन में देश-विदेश से लगभग 500 शोधकर्ताओं एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महोदय महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार के कुलपति आचार्य बालकृष्ण जी उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार त्रिपाठी ने की। इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल ने प्रो. (डॉ.) के.के. शर्मा (अध्यक्ष, स्नातकोत्तर पंचकर्म विभाग, ऋषिकुल परिसर एवं अतिरिक्त प्रभार, निदेशक, मुख्य परिसर हर्रावाला) को उनकी लगभग 37 वर्षों की उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सेवाओं के लिए “लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड” से सम्मानित किया। यह क्षण न केवल विश्वविद्यालय परिवार बल्कि सम्पूर्ण हरिद्वारवासियों के लिए गर्व का विषय रहा। कार्यक्रम में उत्तराखंड शासन में आयुष विभाग के अपर सचिव एवं निदेशक डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, परिसर निदेशक ऋषिकुल प्रो. (डॉ.) डी.सी. सिंह, परिसर निदेशक प्रो गिरिराज गर्ग, प्रो. (डॉ.) अनूप गक्खड़, प्रो. (डॉ.) खेम चन्द्र शर्मा, प्रो डॉ संजय त्रिपाठी, डॉ. नरेश चौधरी, डॉ. मयंक भटकोटी सहित अनेक वरिष्ठ संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे। सम्मेलन में देशभर के जाने-माने पंचकर्म विशेषज्ञ, विशेषकर प्रो. डॉ यू.एस. निगम ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। दो दिवसीय इस आयोजन में नवीनतम शोध, अनुभवों एवं आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। यह सम्मेलन प्रो. (डॉ.) के.के. शर्मा (आयोजन अध्यक्ष) एवं प्रो. (डॉ.) आलोक श्रीवास्तव (आयोजन सचिव) के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि 30 सितम्बर को प्रो. (डॉ.) के.के. शर्मा विश्वविद्यालय सेवा से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, ऐसे में यह सम्मान उनके जीवन की ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया।

 

 

 

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