भारतीय रेलवे बोर्ड की केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षा में नकल कर रहे अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून, 03 दिसंबर। गुरु द्रोणाचार्य की तपस्थली देहरादून में नकल का खेल खेलना अब आसान नहीं हैं, क्योंकि देहरादून के एसएसपी अजय सिंह नकल का खेल खेलने वालों के लिये सिंघम बन गये हैं। एसएसपी देहरादून अजय सिंह के निर्देश पर केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षा में एक और खुलासा हुआ है। भारतीय रेलवे बोर्ड की केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षा में नकल कर रहे अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के पास से परीक्षा में नकल के लिए लाई गई नकल पर्ची बरामद हुई। पुलिस के अनुसार अभियुक्त से पूछताछ में प्रकरण में शामिल कई अन्य व्यक्तियों के नाम प्रकाश में आये। परीक्षा में पास कराने के एवज में गिरफ्तार अभियुक्त की हरियाणा में एक व्यक्ति से 04 लाख रू.में डील तय हुई थी। प्रकरण में किसी संगठित गैंग के शामिल होने तथा परीक्षा में नकल के लिये प्राइवेट मैसेन्जर एप का इस्तेमाल किया जाना प्रकाश में आया है। पुलिस को नकल प्रकरण के तार हरियाणा से जुडे होने की जानकारी मिली हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त से जुडे सभी लिंक खंगाले जा रहे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यशवीर पुत्र स्व. गिरधारी निवासी ग्राम श्रीकोट पो. पुरोला जिला उत्तरकाशी वेन्यू कमांडिंग आफीसर द्वारा कोतवाली पटेलनगर पर लिखित तहरीर दी कि आईकैट सोल्यूशन परीक्षा केन्द्र सहारनपुर रोड पटेलनगर में भारतीय रेलवे बोर्ड की केंद्रीय ऑनलाइन परीक्षा में द्वितीय पाली की परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी विवेक पुत्र साधुराम निवासी अचीना चरखी दादरी हरियाणा उम्र 22 वर्ष की परीक्षा कक्ष मे गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर वेन्यू कमांडिंग ऑफिसर द्वारा उक्त अभ्यर्थी की तलाशी ली गई तो उसके पास से एक नकल पर्ची बरामद हुई, जो उक्त परीक्षार्थी परीक्षा के दौरान नकल करने के लिये अपने साथ लाया था। वेन्यू कमांडिंग आफीसर द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर कोतवाली पटेलनगर पर मुकदमा अपराध सख्या 661/2025 धारा 318(2), 318(4),61(2) बीएनएस 3/4/10/11 लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण अधिनियम  2024 का अभियोग पंजीकृत करते हुए अभियुक्त विवेक पुत्र साधुराम को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया।

अभियुक्त से पूछताछ में उसके द्वारा बताया गया कि उक्त परीक्षा में पास कराने के लिये हरियाणा में शर्मा नाम के एक व्यक्ति से उसकी 04 लाख रुपये में बात हुई थी तथा उसके द्वारा परीक्षा से पूर्व परीक्षा केन्द्र के पास 03 व्यक्तियों की पहचान बताते हुए अभियुक्त को उनसे मिलने के लिये कहा गया था। परीक्षा से पूर्व उक्त व्यक्तियों से मुलाकात के दौरान उनके द्वारा अभियुक्त के मोबाइल पर एक एप डाउनलोड करते हुए उक्त एप के माध्यम से परीक्षा से सम्बन्धित उत्तर उसे एक पर्ची पर लिख कर दिये थे, जिसे वह अपने जैकेट के आस्तीन में छिपाकर अन्दर ले गया था, परन्तु परीक्षा कक्ष में हुई चैकिंग के दौरान पकडा गया।

अभियुक्त से पूछताछ में उक्त प्रकरण में किसी संगठित गैंग का सम्मिलित होना तथा नकल के लिये प्राइवेट मैसेन्जर एप का प्रयोग किया जाना प्रकाश में आया है। प्रकरण से जुडे सभी पहलुओं तथा अभियुक्त से जुडे सभी लिंको पर पुलिस द्वारा गहनता से विवेचना की जा रही है।

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *