इंटीग्रेटेड हॉलिस्टिक ट्रीटमेंट के रूप में एक नए युग का आरंभ : अमित शाह

भगवती प्रसाद गोयल /एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

हरिद्वार 22 जनवरी। पतंजलि योगपीठ द्वारा संचालित विश्व के प्रथम इंटीग्रेटेड मैडिसिन सिस्टम तथा योग, आयुर्वेद व आधुनिक चिकित्सा के समन्वय का वैश्विक केंद्र पतंजलि इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल समस्त भारत के नागरिकों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेगा। आज देश के माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित भाई शाह ने उक्त हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हास्पिटल का निरीक्षण भी किया और इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम की इस पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि यह हॉस्पिटल विश्व का प्रथम हाइब्रिड हॉस्पिटल बन गया है। ज्ञात हो कि गृह मंत्री दो दिनों के पतंजलि प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने योग, आयुर्वेद व सनातन जीवन पद्धति को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठापित करके रोगमुक्त विश्व का निर्माण कैसे हो, इस पर स्वामी जी के साथ गहन विमर्श व मंथन किया। कल रात गृहमंत्री ने पतंजलि योगपीठ परिसर में आत्मीयतापूर्ण रात्रि विश्राम किया और चिकित्सा, शिक्षा, सनातन जीवन पद्धति, एवं ऋषियों की ज्ञान विरासत को विश्व पटल पर प्रतिष्ठा दिलाने की दिशा में पूज्य स्वामी रामदेव जी एवं आचार्य बालकृष्ण महाराज से विमर्श एवं विचार मंथन किया और पतंजलि द्वारा भविष्य में इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने के बारे जानकारी ली। उनके आत्मीय आगमन से पतंजलि परिवार में गौरव, प्रेरणा और ऊर्जा का संचार हुआ और पतंजलि योगपीठ परिवार की ओर से स्वामी रामदेव महाराज और आचार्य बालकृष्ण महाराज ने अनेक संतों, भक्तों, शिष्यों, पतंजलि गुरुकुलम एवं आचार्यकुलम के विद्यार्थियों के साथ उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर पतंजलि याेगपीठ के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रामदेव जी ने कहा कि यह सम्पूर्ण पतंजलि परिवार के लिए गौरव की बात है कि आज विश्व के इतिहास के प्रथम इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल का लोकर्पण अपने राष्ट्रधर्म के साथ-साथ सनातन धर्म को सर्वोपरि रखने वाले, योग-आयुर्वेद को सर्वोपरि देखने वाले देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया। स्वामी जी ने कहा कि यहाँ हम 90 से 99% लोगों को योग, आयुर्वेद, नेचुराेपैथी, पंचकर्म, षट्कर्म, पंच महाभूत चिकित्सा, मेडिकेटिड वाटर व फूड, उपवास, उपासना से ठीक करेंगे। उन्होंने कहा कि बीमारियों के मुख्य कारण- स्ट्रेस, इंफ्लामेशन तथा शरीर का अशुद्धिकरण है। पतंजलि में शिरोधारा, अक्षी तर्पण, कर्ण पूर्ण, नस्य, अभ्यंग, शंख प्रक्षालन, कोलोन थैरेपी, 100 से ज्यादा प्रकार की बस्ती आदि से शरीर का शुद्धिकरण करते हैं। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश, दिल्ली, गुवाहाटी, जम्मू कश्मीर, भोपाल आदि लगभग 10 एम्स में पतंजलि संयुक्त रिसर्च कर रहा है। इसके साथ-साथ आस्ट्रेलिया, यूरोप, अमेरिका सहित विश्व के 25 बड़े मैडिकल इंस्टीट्यूशंस के साथ मिलकर वैश्विक स्तर का हम रिसर्च कर रहे हैं। एनिमल ट्रायल, ह्यूमन ट्रायल, ड्रग डिस्कवरी का पूरा साइंटिफिक मैथड पतंजलि के पास है। इस देश के 100 करोड़ से ज्यादा लोग योग-आयुर्वेद का अनुसरण करते हैं, जिनका रियल वर्ल्ड एविडेंस हमारे पास है। इसके साथ-साथ हमारे पास 1 करोड़ 38 लाख लोगों का क्लिनिकल एविडेंस ईएमआर डेटा के रूप में है। स्वामी जी ने कहा कि हमने इस हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग में हृदय रोगियों के लिए एंजियोप्लास्टी, बायपास सर्जरी व पेसमेकर की व्यवस्था की है लेकिन हमारा प्रयास है कि 90 से 99% लोगों को इनकी आवश्यकता न पड़े। यहाँ हम उन्हीं की सर्जरी करेंगे, उन्हीं को पेसमेकर व स्टंट लगायेंगे जो अपने को रिकवर नहीं कर पा रहे हैं। हमारा प्रयास रहता है कि हृदयामृत, कार्डियोग्रिट, अर्जुन की छाल, दालचीनी, लोकी के जूस का प्रयोग कर इजेक्शन फ्रेक्शन को बढ़ाया जा सके, हार्ट ब्लॉकेज को प्राकृतिक तरीकों से रिवर्स किया जा सके। हमने बीपी, डायबिटीज, थायराइड आदि के लिए सिंथेटिक दवा इंसुलीन आदि की डिपेंडेंसी को घटाया है, किडनी व लिवर डिजीज को रिवर्स किया है जिसके पूरे साइंटिफिक माड्यूल्स, क्लिनिकल डाटा हमारे पास हैं। फैटी लिवर ग्रेड-1, 2, 3, 4, लिवर सिरोसिस, हैपेटाइटिस व लिवर कैंसर को रिवर्स किया है। लोग कहते थे कि स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण व पतंजलि एलोपैथी के विरोधी हैं, एलोपैथी से भी हमारी सिंपैथी है लेकिन नितांत आवश्यकता होने पर ही। हम गैर जरूरी दवा, गैर जरूरी ऑपरेशन, गैर जरूरी टेस्टिंग के विरोधी हैं। किडनी रोगियों के लिए हमारे यहाँ डायलिसिस की भी व्यवस्था है लेकिन जब तक डायलिसिस से बचा जाए तब तक हम पूर्ण प्रयास करते हैं। ब्रेन सर्जरी से पहले हम मेधा वटी, मैमोरी ग्रिट पर विश्वास करते हैं। यज्ञ चिकित्सा में मेधा यिष्टी, ब्राह्मी, शंखपुष्पी, ज्योतिष्मति से हवन कराते हैं। नैनो मेडिसिन से भी ज्यादा सूक्ष्म पीको मेडिसिन की बात होने लगी है। स्वामी जी ने कहा कि आर्थिक दृष्टि से कमजोर रोगियों को पतंजलि में उपचार मिलेगा, वहीं समर्थ लोगों को न्यून शुल्क पर बहुत बड़ी उपचार व्यवस्था यहाँ खड़ी की गई है। विश्व का पहला इंटीग्रेटेड हाइब्रिड हाॅस्पिटल पतंजलि में स्थापित किया गया है, भविष्य में इसका विस्तार दिल्ली से लेकर पूरे देश तथा सम्पूर्ण विश्व में किया जाएगा। इंटीग्रेटेड हॉलिस्टिक ट्रीटमेंट के रूप में आज एक नए युग का आरंभ पतंजलि से हो रहा है। चिकित्सा के क्षेत्र में यह अभिनव कीर्तिमान है जिससे आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरणा लेंगी। हमारा सपना है कि पूरी दुनिया का हेल्थ डेस्टिनेशन भारत बने। पूरी दुनिया के लोग योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, पंचकर्म, षट्कर्म व शिक्षा लिए भारत आएँ। शिक्षा, चिकित्सा व स्वस्थ जीवन पद्धति की दिशा दुनिया भारत से प्राप्त करेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 250 बेड की क्षमता वाला  यह  नया परिसर अत्याधुनिक अस्पताल पतंजलि इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम पर आधारित है, जिसमें एलोपैथी की आधुनिक तकनीक से सभी प्रकार की मशीनों से डायग्नोज (जांच) की सुविधा है तथा अत्यन्त जटिल मानी जाने वाली ब्रेन, हार्ट, स्पाईन वाली सर्जरी की भी व्यवस्था रहेगी। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, पैथोलॉजी, डेंटल, ICU और इमरजेंसी मेडिसिन के अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टर 24×7 सेवाओं में तैनात हैं।  यह अस्पताल केवल रोग का उपचार नहीं करेगा अपितु योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा एवं जीवनशैली परामर्श के माध्यम से रोग की जड़ पर काम करेगा।

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *