विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

रुद्रप्रयाग, 08 मई। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के कुशल निर्देशन एवं माननीय अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश, रुद्रप्रयाग के प्रभावी मार्गदर्शन में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग श्रीमती पायल सिंह की अध्यक्षता में ब्लॉक सभागार जखोली (रुद्रप्रयाग) में विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र की आशा कार्यकर्त्रियाँ उपस्थित रहीं। इस अवसर पर सचिव महोदया श्रीमती पायल सिंह द्वारा उपस्थित आशा कार्यकर्त्रियों को संबोधित करते हुए बताया गया कि विश्व रेड क्रॉस दिवस प्रतिवर्ष 08 मई को रेड क्रॉस आंदोलन के संस्थापक हेनरी ड्यूनां की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस संस्था मानवता, सेवा, सहयोग एवं करुणा का प्रतीक है, जो प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं, महामारी एवं अन्य आपात परिस्थितियों में बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंद लोगों की सहायता करती है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानवता की सेवा एवं पीड़ित व्यक्तियों के विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना था। सचिव महोदया द्वारा सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए गोल्डन ऑवर की महत्ता, निःशुल्क कानूनी सहायता तथा पीड़ितों को प्रदान किए जाने वाले मुआवजे से संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना के पश्चात प्रारंभिक एक घंटा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जिसमें समय पर उपचार मिलने से व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने दुर्घटना पीड़ितों को उपलब्ध विधिक सहायता एवं मुआवजा योजनाओं के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। साथ ही आशा कार्यकर्त्रियों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें स्वास्थ्य एवं न्याय के मध्य एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्त्रियाँ जमीनी स्तर पर न केवल स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराती हैं, बल्कि पीड़ित महिलाओं, बच्चों एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित आशा कार्यकर्त्रियों को महिला अधिकार, बाल संरक्षण, घरेलू हिंसा से संरक्षण, साइबर अपराध से बचाव तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई। साथ ही उन्हें समाज में मानवता, सहयोग एवं सेवा भावना को बढ़ावा देने हेतु प्रेरित किया गया।

 

 

 

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