वित्तीय वर्ष 2025-26 में जारी राजकीय अनुदान की स्थिति पर चर्चा
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
बागेश्वर। गौसेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र अणथ्वाल ने विकास भवन सभागार में जनपद में निराश्रित गौवंश संरक्षण, गौसदनों की व्यवस्थाओं तथा गोवंश सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौवंश संरक्षण से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा गौसदनों में चारे की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं और प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। बैठक में गौसदनों की क्षमता, वर्तमान में आश्रित गोवंश की संख्या तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में जारी राजकीय अनुदान की स्थिति पर भी चर्चा की गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केके जोशी ने जानकारी दी कि जनपद में उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड अंतर्गत पंजीकृत पांच गौसदनों में कुल 384 गोवंश आश्रित हैं, जिनके भरण-पोषण हेतु 80.82 लाख से अधिक की अनुदान राशि जारी की गई है। इसके अतिरिक्त 24 ग्राम्य गौसेवक कार्यरत हैं जिन्हें वर्ष 2025-26 में 4.28 लाख से अधिक का भुगतान किया गया है। जनपद में 72887 पशुओं की टैगिंग की जा चुकी है, जबकि कुल 236 निराश्रित गोवंश चिन्हित किए गए हैं जिन्हें गौसदनों में स्थानांतरित करने की कार्यवाही जारी है। बैठक में घायल एवं अशक्त पशुओं के लिए 10 लिफ्टिंग मशीनों की उपलब्धता तथा पुलिस विभाग द्वारा गोवंश संरक्षण से संबंधित कार्रवाई की भी जानकारी दी गई।
