July 3, 2026

संदीप गोयल /एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून, 03 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अच्छे दिन के वायदे अब देश की जनता झेल रही है। महंगाई से आम व्यक्ति परेशान है। बार बार सरकार लोगों को सड़क पर लाइन में लगाती है। अब तो नए तरीके से लोगों को सड़क पर सरकार ने खड़ा करने और परेशान करने के लिए हद की सारी सीमाएं पार कर दी है। लोगों से वाहन छीनने की का भी षड्यंत्र शुरू हो चुका है। ऐसी करतूत के खिलाफ कांग्रेस अब चुप नहीं बैठेगी। सरकार की पोल को खोलने के लिए जनता को जागरूक करेगी। यह कहना है कांग्रेस के संचार विभाग के राष्ट्रीय सचिव वैभव वालिया का। वैभव वालिया ने एक बयान में कहा कि देशभर में ज्यादातर वाहन ई 20 पेट्रोल के लायक नहीं हैं। वहीं केंद्र सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट को बढ़ाकर 230 फीसद कर दिया। नतीजा सड़कों पर  ई20 पेट्रोल से लोगों की गाड़ियां  खराब हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सारा खेल केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के बेटों की इथेनॉल की फैक्ट्री का इथेनॉल बेचने के लिए रचा जा रहा है। इसके खिलाफ आवाज उठनी चाहिए। सड़क परिवहन मंत्री का काम पेट्रोल बेचना नहीं, सड़के बनाना है। पेट्रोल का काम पेट्रोलियम मंत्री करेगा। इस देश में सब अपने हिसाब से अपने मंत्रालय की सीमाएं बढ़ा रहे हैं। इस खेल को जनता को समझाना होगा। उन्होंने कहा कि 20 रुपये लीटर के दाम वाले इथेनॉल को ₹100  पेट्रोल के भाव से बेचा जा रहा है। यदि 5 लीटर पेट्रोल भराएंगे तो समझो 1 लीटर इथेनॉल उसमें होगा। 20 रुपये के इथेनॉल को लोग अपने वाहनों में सौ रुपये के हिसाब से भरा रहे हैं। नतीजा ये है कि मोटर मैकेनिकों के यहां इस मिलावट से वाहनों की  कतार लग रही है।

वैभव वालिया ने कहा कि  ई20 से इंजन खराब होने पर बीमा कंपनी भी बीमा नहीं देगी। बार-बार लोगों को सड़क पर खड़ा करने वाली सरकार ने इस बार  लोगों को वाहनों के साथ सड़क पर खड़ा करने की पूरी तैयारी कर ली है। राम मंदिर में चंदा और चढ़ावा चोरी वाली सरकार ने अब जनता के वाहनों सड़क पर खड़ा करने की योजना बनाई है। लोगों को आदम युग की  तरफ धकेला जा रहा है।

वैभव वालिया ने कहा किअब तो स्थिति सामान्य है। इसके बावजूद जनता को महंगाई की मार क्यों पड़ रही है। पेट्रोल और डीजल के दामों बढ़ाने के लिए सरकार ने जितनी जल्दबाजी दिखाई, अब दाम को घटाने में क्यों उदासीन बनी हुई है। महंगाई से लोग त्रस्त हैं। यदि जल्द बढ़ती महंगाई पर अंकुश नहीं लगाया गया तो सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की  कीमत घटने के बाद भी भारत में  पेट्रोल और डीजल के दाम  क्यों नहीं घटाए जा रहे हैं। अमेरिका और इसराइल के ईरान पर हमले के दौरान क्रूड आयल के दाम बढ़ गए। तब प्रधानमंत्री  ने देशवासियों से अपील की कि वाहनों को कम चलाएं। अब कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ गई है। फिर भी महंगाई को रोकने के लिए सरकार की कोई नीति नहीं है। ईरान से सस्ता तेल सरकार क्यों नहीं ले रही है। इसके लिए किसका दबाव है। रूस से तेल खरीदना और ना खरीदना अमेरिका तय कर रहा है। क्रूड आयल की कीमत युद्ध के दौरान बढ़ गई थी। अब तो घट गई है। फिर भी  जनता को राहत क्यों नहीं दी  जा रही है। सच्चाई  ये भी  है कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का असर ट्रांसपोर्ट महंगा होने के रूप में होता है। ऐसे में हर वस्तु के दाम में बढ़ोत्तरी होती  है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था। यह कीमत  युद्ध से पहले के स्तर 72 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। ऐसे में देशवासियों को सौ रूपये प्रति लीटर के हिसाब में पेट्रोल मिल रहा है। अब जब  ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत गिरकर 70.78 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो पिछले दिन से 1.11% कम है। पिछले एक महीने में ब्रेंट की कीमत में 27.64% की गिरावट आई है। फिर भी  देशवासियों को महंगा पेट्रोल और डीजल क्यों बेचा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार  के 2004-2014 के कार्यकाल  के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की औसत कीमत $70 से लेकर 110 डॉलर प्रति बैरल के बीच रही, जो 2008 में रिकॉर्ड $147 प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। इसके बावजूद, आम जनता को राहत देने के लिए सरकार द्वारा भारी सब्सिडी दी जाती थी। इसके कारण 2014 में सरकार जाने के समय पेट्रोल का दाम लगभग 71 से 72 रुपये प्रति लीटर और डीजल का दाम करीब 55 रुपये  प्रति लीटर था।

उन्होंने कहा कि साफ है कि केंद्र की बीजेपी सरकार कुछ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए तेल की कीमतों को कम नहीं कर रही है। इसके महंगाई  बढ़ रही है। रसोई के हर सामान की कीमतों में चार से 11 फीसद का इजाफा हो गया है। कांग्रेस कार्यकर्ता इस खेल को समझ रहे हैं। सरकार की इस जनविरोधी  नीतियों के खिलाफ कांग्रेस लगातार आंदोलन करेगी । साथ ही जनता को भी इस खेल के खिलाफ जागरूक किया जाएगा।

वैभव वालिया ने तर्क दिया कि नितिन गडकरी के बेटे निखिल गडकरी द्वारा प्रबंधित कंपनी ‘सीआईएएन एग्रो इंडस्ट्रीज’ (CIAN Agro Industries) का राजस्व इथेनॉल उत्पादन और सरकार की इथेनॉल मिश्रण नीति के बाद तेजी से बढ़ा। कंपनी का टर्नओवर एक साल में ₹17 करोड़ से बढ़कर ₹510 करोड़ हो गया। इस भारी उछाल के कारण उनकी कुल संपत्ति (Net Worth) में अरबों रुपये की वृद्धि होने का अनुमान लगाया जाता है। इससे यह कंपनी देश की अग्रणी इथेनॉल उत्पादकों में शामिल हो गई है। यहीं से खेल समझ लीजिए कि सड़क परिवहन मंत्री अपना विभाग छोड़कर पेट्रोलियम मंत्री के विभाग में क्यों अतिक्रमण कर रहे हैं। मानसून की  पहली बरसात में 1200 करोड़ की लागत से बना देहरादून दिल्ली एक्सप्रेस वे जगह जगह से छलनी हो गया। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे की हालत और भी खतरनाक है।

कांग्रेस नेता वैभव वालिया ने कहा कि ये सरकार हर तरीके से जनता को लूट रही  है। रक्षा मंत्री सदन में झूठ बोलते हैं। ऐसा वह पुत्र मोह के कारण बोलते हैं। वही, नितिन गड़करी भी पुत्र मोह में ही उलझे हुए हैं। बेटे के व्यापार को फायदा पहुंचाने के लिए वह उछल कूद कर रहे हैं। देश की जनता सब समझ चुकी है। उत्तराखंड सहित कई राज्यों में 2027 को विधानसभा चुनाव होने हैं। अबकी  बार जनता देश को लूटने वालों को सबक जरूर सिखाएगी।

 

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