सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष मकवाना ने की निदेशक शहरी विकास से वार्ता
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। शहरी विकास निदेशक विनोद गोस्वामी से राज्य सफाई कर्मचारी आयोग उत्तराखंड सरकार के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री भगवत प्रसाद मकवाना में निदेशालय में निदेशक शहरी विकास से सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु वार्ता की। वार्ता में प्रमुख विषय नगर निगम देहरादून में पारित प्रस्ताव के अनुसार पूरे प्रदेश के मोहल्ला स्वच्छता समिति एवं अन्य अस्थाई सफाई कर्मियों को रुपए 800 प्रतिदिन शीघ्र शासनादेश जारी किया जाए, नियमितीकरण नियमावली 2025 के अंतर्गत सफाई कर्मचारियों को शीघ्र नियमित किया जाए, प्रदेश की सभी नगर निगम नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत में क्षेत्रफल और आबादी के अनुसार सफाई कर्मचारी और पर्यावरण पर्यवेक्षक के नए पद सर जीतकर 2015 के ढांचे को संशोधित किया जाए, पर्यावरण पर्यवेक्षक के 50% पदोन्नति तथा 50% सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाने के विषय में आयोग के उपाध्यक्ष द्वारा शासन को सभी यूनियनों से सुझाव लेकर तथा पदोन्नति में कार्य की अवधि 7 वर्ष को घटाकर 5 वर्ष किया जाए, सफाई कार्य में ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर सफाई कर्मियों की नई भर्ती मानकों के अनुसार की जाए, पर्यावरण मित्रों का बीमा 5लाख से बढ़ाकर 10 लाख किया जाए, पर्यावरण मित्रों के कल्याण के लिए विशेष कल्याण कोष खोला जाए, सफाई कर्मचारियों को विशेष कर पर्वतीय क्षेत्रों में आवास की समस्या है इसलिए सफाई कर्मियों को भूमि या आवास उपलब्ध कराया जाए, बनबसा नगर पालिका जिला चंपावत में मोहल्ला स्वच्छता समिति सफाई कर्मचारियों को सीधे उनके खाते में वेतन भेजा जाए। तथा सफाई कर्मचारी आयोग में भी स्थाई पद स्वीकृत किए जाएं मकवाना में डायरेक्टर और शासन के अधिकारियों से समय-समय पर यूनियन पदाधिकारी के साथ भी उनकी समस्याओं पर वार्ता करने की अपेक्षा कीआदि समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई तथा निदेशक शहरी विकास द्वारा सकारात्मक कार्रवाई के लिए भरोसा दिलाया बैठक सोहार्द पूर्ण रही। वार्ता में मेरे साथ राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के प्रदेश प्रमुख महामंत्री मदन वाल्मीकि, अनिल खजवाल प्रदेश महामंत्री नीरज नागलिया प्रदेश महामंत्री जितेंद्र राजौरी, प्रदेश प्रवक्ता राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा विक्रम टॉक प्रदेश उपाध्यक्ष वाल्मीकि युवा मोर्चा आदि मौजूद रहे।
