मजबूत सेनाओं के निर्माण के लिये गहन रक्षा औद्योगिक सहयोग का आह्वान
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली। बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री श्री थियो फ्रैंकन ने भारत और बेल्जियम के बीच गहन औद्योगिक सहयोग की प्रबल संभावनाओं पर बल दिया, जिसका उद्देश्य सामूहिक प्रयासों के माध्यम से रक्षा बलों को मजबूत करना है। वहीं, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बेल्जियम के रक्षा निर्माताओं से आग्रह किया कि वे साझा सुरक्षा और समृद्धि के लिए विशिष्ट उत्पादों के सह-विकास और सह-उत्पादन हेतु भारत के विनिर्माण पैमाने के साथ-साथ अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ उठाएं। दोनों मंत्रियों ने नई दिल्ली में आयोजित भारत-बेल्जियम रक्षा सीईओ गोलमेज सम्मेलन और बी2बी बैठकों में भाग लिया। इस कार्यक्रम में बेल्जियम उद्योग, भारतीय उद्योग परिसंघ और भारतीय रक्षा निर्माता सोसायटी के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। बेल्जियम के रक्षा मंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर जोर देते हुए समुद्री सुरक्षा, सूचना सुरक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों में विकसित हो रही मजबूत संवाद संरचनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन संस्थागत ढांचों ने भारत को ईयू के लिए एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित किया है। भारतीय उद्यमियों की सक्रियता की सराहना करते हुए, श्री थियो फ्रैंकन ने बदलते सुरक्षा परिवेश में संयुक्त प्रयासों के माध्यम से दोनों सेनाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “एकता में बल है, फूट में पतन।” भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के रणनीतिक परिवर्तन पर प्रकाश डालते हुए, रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से देश आयात पर निर्भरता से स्वदेशी क्षमता, विश्वसनीय साझेदारी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की ओर निर्णायक रूप से अग्रसर है। उन्होंने कहा, “यह परिवर्तन बाहरी जगत की ओर उन्मुख है। विश्वसनीय और पारस्परिक रूप से लाभकारी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से ही रणनीतिक स्वायत्तता सर्वोत्तम रूप से सुरक्षित की जा सकती है। श्री संजय सेठ ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और बेल्जियम अपनी शक्तियों का लाभ उठा सकते हैं और साइबर सुरक्षा, एआई-सक्षम मानवरहित हवाई प्रणालियाँ, जलमग्न क्षेत्र के वाहन और जटिल हथियार प्रणालियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को प्राथमिकता दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि iDEX और ADITI जैसे नवाचार मंच एआई, क्वांटम प्रौद्योगिकियों, सैन्य संचार, ड्रोन-रोधी प्रणालियों और अनुकूलनीय छलावरण के क्षेत्र में स्टार्टअप और लघु एवं मध्यम उद्यमों को शामिल कर रहे हैं, जो द्विपक्षीय अनुसंधान एवं विकास और औद्योगीकरण के लिए उत्कृष्ट अवसर प्रदान करते हैं। रक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि भारत का रक्षा औद्योगिक आधार आज रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों, बढ़ते निजी क्षेत्र और 16,000 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) का एक संयुक्त रूप है, जिसमें घरेलू उद्योग एयरोस्पेस, नौसेना और थल प्लेटफार्मों, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों और मानवरहित प्रणालियों में उन्नत क्षमताएं प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा विभाग के उत्पादन-आधारित उपायों के माध्यम से, भारत क्षमता निर्माण में तेजी ला रहा है, मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत कर रहा है और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और सह-विकास को प्रोत्साहित कर रहा है। श्री संजय सेठ ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को स्वचालित मार्ग से 74% तक और सरकारी मार्ग से 100% तक उदार बनाया है, ताकि विशिष्ट प्रौद्योगिकियों में साझेदारी को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने आगे कहा, “नई अंतरिक्ष नीति 100% एफडीआई की अनुमति देती है। तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में समर्पित रक्षा औद्योगिक गलियारे, और महाराष्ट्र, असम और अन्य क्षेत्रों में नियोजित अन्य गलियारे, विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं और भागीदारों के लिए प्रतिस्पर्धी प्रोत्साहन और पारिस्थितिकी तंत्र सहायता प्रदान करते हैं।” इस कार्यक्रम के दौरान, भारतीय कौशल और व्यापकता के साथ बेल्जियम की प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के उद्देश्य से कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें SIDM और बेल्जियम सिक्योरिटी एंड डिफेंस इंडस्ट्री के बीच हुए समझौते; लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (भारत) और एक्साइल रोबोटिक्स एसएएस (फ्रांस) तथा एक्साइल रोबोटिक्स (बेल्जियम) के बीच हुए समझौते; कल्याणी स्ट्रेटेजिक सिस्टम्स लिमिटेड (भारत) और एफएन हर्स्टल (बेल्जियम) के बीच हुए समझौते; टेम्बो क्लासिक इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड (भारत) और लाचौसी एसए (बेल्जियम) के बीच हुए समझौते; इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (भारत) और ओआईपी (बेल्जियम) के बीच हुए समझौते; कृष्णा इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (भारत) और पिटागोन (बेल्जियम) के बीच हुए समझौते; डीजीवीके एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड (भारत) और सोल1 बीवी (बेल्जियम) के बीच हुए समझौते; और कल्याणी स्ट्रेटेजिक सिस्टम्स लिमिटेड (भारत) और थेल्स बेल्जियम एसए तथा थेल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए समझौते शामिल हैं।
