पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर जिलाधिकारी ने किया नमन

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

हरिद्वार, 10 सितंबर। भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की 139वीं जयंती जनपद हरिद्वार में धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने देवपुरा चौक स्थित पंत पार्क पहुंचकर पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी के प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर वक्ता, कुशल प्रशासक एवं समाज सुधारक थे। आधुनिक भारत के निर्माण में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के साथ ही सामाजिक एवं राजनीतिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिलाधिकारी ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 10 सितंबर 1887 को अल्मोड़ा जिले के खूंट गांव में हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक एवं विधि की शिक्षा प्राप्त की। छात्र जीवन से ही वे राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हो गए थे तथा स्वतंत्रता आंदोलन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिलाधिकारी ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी ने जिस आधुनिक एवं सशक्त भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने के लिए हम सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा, ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर निवास करने वाले व्यक्ति तक पहुंचाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सभी की जिम्मेदारी है। इस दिशा में आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रदेश एवं जनपद को विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाना होगा। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। जयंती के अवसर पर जनपद के समस्त सरकारी कार्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए।अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की तथा उनके जीवन, व्यक्तित्व एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान पर प्रकाश डाला। इस दौरान जनपद स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारीगण मौजूद रहे।

 

 

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