भू कानून को लेकर उत्तराखंड महिला मंच की बैठक आयोजित

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून 13 जुलाई। उत्तराखण्ड सरकार जिस तरह से राज्य के लिए उसका अपना भू कानून (जो राज्य की जमीनों को राज्य के निवासियों के हाथों सुरक्षित रख सके) बनाने के सवाल पर मौन है उससे, उसकी उत्तराखंड वासियों के साथ दगाबाजी का साफ़ पता चलता है। उत्तराखंड वासियों में निराशा है पर मन ही मन बेहद गुस्सा भी है। इसी के मद्दे नजर आज भू कानून संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से  उत्तराखंड महिला मंच के द्वारा भू कानून और जल जंगल जमीन के मुद्दे पर देहरादून के सभी संघर्षशील संगठनों और जन मुद्दे के प्रति संवेदनशील जागरूक लोगों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक मे उत्तराखंड महिला मंच के अलावा गढ़वाल सभा, आन्दोलन कारी मंच, युवा शक्ति संगठन, राजकीय पेंसनेर्स संगठन, जन हस्तक्षेप, भारत ज्ञान विज्ञान समिति, बैंक संगठन, नागरिक संगठन, नेताजी संघर्ष समित, चेतना आन्दोलन व कई अन्य एनजीओ से जुड़े सामजिक सक्रीय कार्यकर्तओं ने भाग लिया। बैठक में आज वर्ष 2018 में लाएं गए कानून को शीघ्रातिशीघ्र ख़तम करवाने हेतु व्यापक जन आंदोलन को शुरू करने का निर्णय लिया गया। अभी भी यदि इस पर सरकार कुछ नहीं करती तो इस मुद्दे पर राज्य स्तरीय आंदोलन की तैयारी करने और आंदोलन को तत्काल तेज करने का बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया।  सब ने यह भी तय किया कि इस मुद्दे को लेकर जो कोई और भी संगठन या व्यक्ति सक्रीय होना चाहते हैं या हो सकते हों उनसे तत्काल संपर्क किया जाएगा और सबसे पहले पूरी तैयारी के साथ सभी संगठनो के प्रतिनिधियों व जागरुक सक्रीय व्यक्तियों के साथ सरकार को चेताने के लिए गांधी पार्क में एक धरना दिया जाएगा। उसके बाद जन संपर्क अभियान को अलग-अलग टीमों का गठन करके मुहल्ले मुहल्ले, गांव गाव में तेज किया जाएगा। इस बीच ही सभी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ जिला, मंडल व राज्य के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन दिए जाएंगे। भू कानून 2018 के तब भी निरस्त न किए जाने की दशा में आंदोलन को भू कानून के अलावा जल जंगल जमीन पर जनता के अधिकार व राज्य में माफिया के बढ़ते वर्चस्व के सवाल पर भी आंदोलन तेज किया जाएगा। बैठक मे एसएस पंवार, अजय राणा, जग मोहन मेहदीरत्ता, निर्मला बिष्ट, सुशील सैनी, गजेन्द्र भंडारी, शंकर गोपालान, उषा भट्ट, प्रदीप कुकरेती, चौधरी ओम वीर सिंह, आयुष राणा, पद्मा गुप्त, मनीष पांडे, आशीष गुसाईं, धीरज मेहरा, द्वारिका बिष्ट, पुष्पा सिल्माना , सत्य प्रकाश, रजनी नेगी, करुणा, रचना रावत, विनीता डबराल, बीना डंगवाल प्रमुख रूप से चर्चा मे भाग लिया।

 

 

 

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