सेनानी उत्तराधिकारियों ने मनाई राष्ट्र गौरव शहीद अब्दुल हमीद की पुण्यतिथि

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

बहराइच 10 सितंबर। आज स्थानीय सेनानी भवन सभागार में सेनानी उत्तराधिकारियों ने राष्ट्र गौरव शहीद अब्दुल हमीद की पुण्यतिथि मनाई। सेनानी उत्तराधिकारियों ने अब्दुल हमीद को 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध का महानायक बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन राज्य इकाई उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने बताया कि वीर अब्दुल हमीद ने 7 से 8 पाकिस्तानी टैंक नष्ट किए थे, उनके प्रशस्ति पत्र में उनके द्वारा 4 टैंक नष्ट किए जाने का उल्लेख है जबकि सेना के कई अन्य संस्मरणों और रिकॉर्ड्स में उनकी संख्या 7 या 8 बताई गई है। उनकी वीरता, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा मरणोपरांत देश का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार “परमवीर चक्र” प्रदान किया गया। उन्हें भारतीय सैन्य इतिहास में “टैंक विध्वंसक” के रूप में याद किया जाता है, उन्होंने अदभुत दिलेरी दिखाते हुए एक के बाद एक पाकिस्तानी पैटर्न टैंकों को मलबे में तब्दील कर दिया, नौवें टैंक को निशाना बनाते समय दुश्मन के एक गोले से वे वीरगति को प्राप्त हुए। संगठन के जिला इकाई संरक्षक एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने बताया कि अब्दुल हमीद का जन्म 01 जुलाई 1933 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के धामूगांव में हुआ था, उनकी माता का नाम सकीना बेगम और पिता का नाम मोहम्मद उस्मान था।वे 1954 में भारतीय सेना की चौथी ग्रिनेडियर्स बटालियन में भर्ती हुए।1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान वे पंजाब के खेमकरण सेक्टर में तैनात थे, पाकिस्तान के पास अमेरिका द्वारा निर्मित ‘अजेय पैटर्न टैंक ‘थे। अब्दुल हमीद ने अपनी 106 एम एम की आर सी एल गन से गन्ने के खेत में छिपकर अकेले ही पाकिस्तान के कई टैंकों को नेस्तनाबूद कर दिया था, दुश्मन के  टैंकों का मुकाबला करते हुए 10 सितंबर 1965 को वे वीरगति को प्राप्त हुए। संगठन के जिला महामंत्री राजू मिश्र उर्फ मुन्ना भैया ने कहा कि 1965 का भारत पाकिस्तान युद्ध मुख्य रूप से कश्मीर पर नियंत्रण पाने के लिए पाकिस्तान की महत्वाकांक्षा और उसके द्वारा चलाए गए “आपरेशन जिब्राल्टर”के कारण हुआ था, जिससे पाकिस्तान के मानमर्दन में भारतीय सैनिक अब्दुल हमीद का विशेष योगदान रहा। अन्त में उपस्थित सभी जनों ने इस युद्ध में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने में अपना अमूल्य योगदान देने के लिए अब्दुल हमीद की प्रशंसा की और नम आंखों से उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए कार्यक्रम समाप्त किया। कार्यक्रम में अंगनू राम, विद्या राम मौर्य, यदुनाथ प्रसाद यादव, संगठन के संयुक्त महामंत्री आदित्य भान सिंह, संगठन के ब्लाक अध्यक्ष हुजूरपुर रवीन्द्र कुमार सिंह, शिव नारायण, श्याम लाल गौतम, मंजू देवी, पराना सहित तमाम सेनानी उत्तराधिकारी मौजूद रहे।

 

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