उत्तराखंड का डेलीगेट्स का दल रवाना: कुलपति ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

श्रीनगर (गढ़वाल) 6 अक्टूबर l ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से भारत सरकार की महत्त्वाकांक्षी पहल ‘युवा संगम’ (फेज-7) के तहत हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के एकेडमिक एक्टिविटी सेंटर में एक विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों एवं शैक्षणिक संस्थानों से आए चयनित डेलीगेट्स के दल को विश्वविद्यालय परिसर से बसों के माध्यम से पश्चिम बंगाल के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

इस अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्री प्रकाश सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा, “आज का दिन हम सभी के लिए गौरव और उत्साह का दिन है। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को साकार करता हुआ यह ‘युवा संगम’ कार्यक्रम केवल एक अंतरराज्यीय यात्रा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, बंधुत्व और राष्ट्रीय अखंडता को एक सूत्र में पिरोने वाला अद्भुत महायज्ञ है।”

उन्होंने कहा, “हम सभी के लिए यह अत्यंत ही गौरव का विषय है कि भारत सरकार द्वारा पुनः हमारे विश्वविद्यालय को उत्तराखंड राज्य के लिए इस कार्यक्रम की नोडल एजेंसी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह अवसर निश्चित रूप से हमारे विश्वविद्यालय की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।”

ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान चयनित डेलीगेट्स में गजब का उत्साह देखने को मिला। प्रतिनिधियों ने उत्सुकता एवं जिज्ञासावश कुलपति प्रोफेसर श्री प्रकाश सिंह से  भावी कार्यक्रम को लेकर कई प्रश्न पूछे। कुलपति  ने न केवल अत्यंत आत्मीयता से उनके प्रश्नों का उत्तर देकर उनका समाधान किया, बल्कि स्वयं भी प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए उनसे कई सवाल पूछे। उन्होंने जाना कि इस यात्रा और कार्यक्रम को लेकर प्रतिनिधियों की क्या-क्या अपेक्षाएं हैं तथा किस प्रकार यह यात्रा उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाएगी। इस जीवंत संवाद ने कार्यक्रम को अत्यधिक रोचक और ऊर्जावान बना दिया।

उल्लेखनीय है कि इस यात्रा में उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों से प्रतिनिधियों का चयन किया गया है। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों से  छात्र-छात्राओं का चयन हुआ है, जो इस सांस्कृतिक और बौद्धिक आदान-प्रदान के माध्यम से पूरे उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व पश्चिम बंगाल में करेंगे। कार्यक्रम में नोडल अधिकारी एवं पृथ्वी विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रोफेसर महाबीर सिंह नेगी ने बताया कि यह यात्रा 5 ‘पी’ — पर्यटन, परंपरा, प्रगति , प्रौद्योगिकी और परस्पर संपर्क के मूल सिद्धांतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उन्होंने डेलीगेट्स का मार्गदर्शन करते हुए कहा, “आप सभी युवा डेलीगेट्स उत्तराखंड के सांस्कृतिक एंबेसडर (राजदूत) हैं। आपकी यात्रा और आपके व्यवहार में देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की स्पष्ट छाप दिखनी चाहिए। कुलसचिव प्रोफेसर वाई.पी. रैवानी ने इस यात्रा को प्रकृति से जोड़ते हुए कहा, “जिस प्रकार उत्तराखंड के हिमशिखरों से निकलने वाली गंगा और यमुना की पवित्र धाराएं विशाल मैदानों को सींचते हुए और पूरे क्षेत्र को हरा-भरा करते हुए पश्चिम बंगाल की पावन धारा तक पहुंचती हैं, हम इस यात्रा को भी उसी अविरल प्रवाह के रूप में देखते हैं। यह यात्रा दोनों राज्यों के बीच अटूट सांस्कृतिक एवं भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है।” अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओ.पी. गोसाईं: उन्होंने कहा कि युवा प्रतिनिधि निश्चित रूप से उत्तराखंड की समृद्ध परंपरा और उच्च जीवन मूल्यों को पश्चिम बंगाल की धरती पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेंगे। निदेशक प्रो. हरिभजन सिंह चौहान ने चयनित छात्रों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि सभी प्रतिनिधि पश्चिम बंगाल से एक सकारात्मक और उत्कृष्ट संदेश लेकर वापस लौटेंगे। डीन नियुक्ति प्रोफेसर मोहन सिंह पंवार ने पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए विद्यार्थियों से अपील की कि यात्रा के दौरान स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए और कहीं भी गंदगी न फैलाई जाए। कार्यक्रम का सफल संचालन ‘युवा संगम’ के समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) डॉ. नरेश ने किया। इस अवसर पर सहायक नोडल अधिकारी डॉ. कौशल, टीम के सदस्य डॉ. अनुराही, डॉ. नरेंद्र एवं डॉ. सना रफी सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

 

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