एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून 6 फरवरी। आज एसएफआई देहरादून द्वारा यूजीसी रेगुलेशन के समर्थन में तथा जाति, धर्म, क्षेत्र, भाषा, लिंग और आर्थिक आधार पर कैंपसों में होने वाले भेदभाव के विरोध में चावला चौक से डीएवी कॉलेज देहरादून तक रैली का आयोजन किया गया। रैली के बाद डीएवी कॉलेज परिसर में छात्रों के बीच सभा आयोजित कर अपनी बात रखी गई। कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव साथी अयाज ने किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में आया यूजीसी रेगुलेशन स्वागत योग्य है और एसएफआई इसका समर्थन करती है। सरकार से मांग की गई कि इसे जल्द से जल्द प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रेगुलेशन किसी सामान्य या किसी विशेष जाति के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी वर्गों की सुरक्षा के लिए लाया गया है। यदि किसी सामान्य वर्ग की छात्रा के साथ लिंग के आधार पर भेदभाव होता है, तो वह भी इसके अंतर्गत सुरक्षित है। इसी प्रकार यदि किसी छात्र-छात्रा के साथ जाति, भाषा या क्षेत्र के आधार पर भेदभाव होता है, तो यह रेगुलेशन उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करता है। डीएवी इकाई के अध्यक्ष मुकुल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कैंपसों में जातिगत भेदभाव बढ़ा है, इसलिए यूजीसी रेगुलेशन को तुरंत लागू किया जाना चाहिए। साथी अवनीशीश ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने हजारों वर्षों से चले आ रहे जातिगत भेदभाव और गुलामी के खिलाफ जो संघर्ष किया, यह रेगुलेशन उस संघर्ष को मजबूत करता है। कार्यक्रम का समापन प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा ने किया। उन्होंने कहा कि जो लोग यूजीसी रेगुलेशन का समर्थन करते हैं, उन्हें खुलकर ऐसे आंदोलनों में भाग लेना चाहिए। यदि समर्थक सामने नहीं आएंगे तो इसका फायदा विरोध करने वालों को मिलेगा। इसलिए सभी समर्थकों से खुलकर आगे आने की अपील की गई। इस अवसर पर साथी पियूष, डीएवी इकाई की सचिव साथी कनिका, साथी अंश सहित अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 

 

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