August 7, 2026

प्रभावी साबित हो रही कृषि विभाग की घेरबाड़ योजना

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

पौड़ी। पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान से राहत देने के लिए कृषि विभाग की घेरबाड़ योजना प्रभावी साबित हो रही है। जिला योजना के अंतर्गत जनपद के विभिन्न विकासखंडों में कराए गए फेंसिंग कार्य से बड़ी संख्या में किसानों की कृषि भूमि सुरक्षित हुई है, जिससे खेती के प्रति उनका उत्साह बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में जनपद में 102 परियोजनाओं के माध्यम से घेरबाड़ कार्य कराया गया, जिनकी कुल स्वीकृत लागत 339 लाख रुपये रही। इसके तहत 339 हेक्टेयर कृषि भूमि को सुरक्षित किया गया। प्रभारी कृषि अधिकारी मनविंदर कौर ने बताया कि यह कार्य एकेश्वर, जयहरीखाल, पोखड़ा, थलीसैंण, खिर्सू, पाबौ, रिखणीखाल, नैनीडांडा, बीरोंखाल, पौड़ी, कोट, कल्जीखाल, दुगड्डा, द्वारीखाल और यमकेश्वर विकासखंडों में कराया गया। अधिकांश परियोजनाओं में 3 से 6 लाख रुपये की लागत से मजबूत फेंसिंग की गई, जिससे जंगली सूअर, बंदर व अन्य वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई और किसानों को खेतों की निगरानी से राहत मिली। बीरोंखाल के ग्राम नौगांव में 130 मीटर लंबी घेरबाड़ से लगभग 80 खेत सुरक्षित हुए, जिससे सुशीला देवी, बिक्रम सिंह, जयपाल सिंह और नरेंद्र सिंह सहित अन्य किसानों की फसलों की सुरक्षा के साथ उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है। अन्य क्षेत्रों में भी किसानों ने इस पहल की सराहना की है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि जंगली जानवरों से हो रहे नुकसान को देखते हुए चयनित गांवों में प्राथमिकता से घेरबाड़ कराई जा रही है। इससे किसानों की चिंता कम हुई है और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ खेती कर रहे हैं। भविष्य में भी अन्य क्षेत्रों में इस कार्य को जारी रखा जाएगा, ताकि अधिक किसानों को लाभ मिल सके।

 

 

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